तुं सच्चा जग बावला, झुंटी मन अरदास
गुरबत की माटी बणी, बुझी ना खोटी प्यास |
अंध वादी निर्झरे, दीर्घ गमन वनवास
राम की माया की राम से, राम में राम का वास |
दै भाषा दरवीस की, या दै तुं शब्द हजार
हद चिंता लेकर चिता, हौ कर्म की जयजयकार ||
#शक्ति बारैठ
गुरबत की माटी बणी, बुझी ना खोटी प्यास |
अंध वादी निर्झरे, दीर्घ गमन वनवास
राम की माया की राम से, राम में राम का वास |
दै भाषा दरवीस की, या दै तुं शब्द हजार
हद चिंता लेकर चिता, हौ कर्म की जयजयकार ||
#शक्ति बारैठ
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