Mallah - urdu hindi shayri - Shakti Bareth

मल्लाह, मांझी, खेवट, तैरा इक़बाल बुलंद
मुरदौं की वफ़ा से वास्ता, अब और नहीं ऱखना !
‪#‎बारैठ‬

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