अक्सर हम अपनें सबसे करीब रहनें वालों को कमतर आंकते है, और अक्सर वही लोग हमारे सबसे मददगार हौते है |
#पैन दुनिया का सबसे बैजौड हथियार है, पर कागज के बिना शायद कुछ भी नहीं | हम अपनें अहम के आगे इतनें बेबस हो चुके है की रास्ता भटककर टुटे खंडहरों और तंग गलियों में जा घुसे है, जहां मवेशी मिलेंगे, किचड हौगा और सुबह के वक्त में भी अंधेरा ही नजर आयेगा | यह बात में किसी को टारगेट करके नहीं कह रहा, पर बिते कुछ समय में कुछ एेसी चीजें देखनें को मिली है जो मुझे बदल रही है, जैसा में कुछ वक्त पहले कभी नहीं था ! लिख इसलिऐ रहा हुं की कुछ वक्त बाद फिर कभी मन करे तो पढ सकुं | पर क्या इससे आप पर कोई फर्क पडेगा? बेशक नहीं पडेगा | क्योकिं जरुरी तो नहीं की बादल की गुंज हर जगह एक ही सुनाई दे, जरूरी तो नहीं की नदी का प्रवाह सभी स्थानों पर समान ही हो, पहाड एक स्पष्ठ उंचाई के ही मिले या कुछ ऐसा की सभी कुऐ समान गहराई वाले ही हौं |
जिंदगी ताकत का खेल हौ सकता है, पर जो हम सिखते है, प्राप्त करते है या जो कुछ बना पाते है वो ताकत से नहीं हौता | हम दुरियां बना सकते है, एक दुजे को नीचा दिखा सकते है, और खुद को सर्वश्रेष्ट , पर यह सर्वस्व नहीं है, इसके आगे भी दुनिया है, आप से हजारों गुना महान लोग है, और उनसे भी उपर और महान |
यह मत कहो की तुम ही हौ जो कुछ हो, अहम, और वहम के पलडे को थोडा नीचे करो, देखो की अभी तराजु उधार का है, वक्त वक्त पर इधर उधर कई बाजी हराता भी, जीतने की खुशी भी दैता है |
#शक्तिबारैठ
#पैन दुनिया का सबसे बैजौड हथियार है, पर कागज के बिना शायद कुछ भी नहीं | हम अपनें अहम के आगे इतनें बेबस हो चुके है की रास्ता भटककर टुटे खंडहरों और तंग गलियों में जा घुसे है, जहां मवेशी मिलेंगे, किचड हौगा और सुबह के वक्त में भी अंधेरा ही नजर आयेगा | यह बात में किसी को टारगेट करके नहीं कह रहा, पर बिते कुछ समय में कुछ एेसी चीजें देखनें को मिली है जो मुझे बदल रही है, जैसा में कुछ वक्त पहले कभी नहीं था ! लिख इसलिऐ रहा हुं की कुछ वक्त बाद फिर कभी मन करे तो पढ सकुं | पर क्या इससे आप पर कोई फर्क पडेगा? बेशक नहीं पडेगा | क्योकिं जरुरी तो नहीं की बादल की गुंज हर जगह एक ही सुनाई दे, जरूरी तो नहीं की नदी का प्रवाह सभी स्थानों पर समान ही हो, पहाड एक स्पष्ठ उंचाई के ही मिले या कुछ ऐसा की सभी कुऐ समान गहराई वाले ही हौं |
जिंदगी ताकत का खेल हौ सकता है, पर जो हम सिखते है, प्राप्त करते है या जो कुछ बना पाते है वो ताकत से नहीं हौता | हम दुरियां बना सकते है, एक दुजे को नीचा दिखा सकते है, और खुद को सर्वश्रेष्ट , पर यह सर्वस्व नहीं है, इसके आगे भी दुनिया है, आप से हजारों गुना महान लोग है, और उनसे भी उपर और महान |
यह मत कहो की तुम ही हौ जो कुछ हो, अहम, और वहम के पलडे को थोडा नीचे करो, देखो की अभी तराजु उधार का है, वक्त वक्त पर इधर उधर कई बाजी हराता भी, जीतने की खुशी भी दैता है |
#शक्तिबारैठ

Comments
Post a Comment